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Friday, May 4, 2018

कर्नाटक: पुलकेसिन, कृष्णदेव राय से लेकर टीपू सुल्तान, जनरल करियप्पा और बसवन्‍ना तक मैदान में!

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नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव एक मामले में देश के अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से काफी अलग नजर आ रहा है. यहां इतिहास पुरुषों का जितनी शिद्दत और जितनी बड़ी तादाद में इस्तेमाल हो रहा है, वैसा अन्य कहीं नहीं दिखाई दिया. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब तक चालुक्य सम्राट पुलकेसिन द्वितीय, सम्राट हर्षवर्धन, कृष्णदेव राय, बहमनी साम्राज्य के सुल्तान, संत कवि बसवन्ना, संत कवि तिरुवल्लुवर, टीपू सुल्तान से लेकर आजाद भारत के पहले सेना अध्यक्ष मेजर जनरल करियप्पा तक का जिक्र हो चुका है. पार्टियां अपने सुभीते के हिसाब से इतिहास की व्याख्या कर रही हैं, और इतिहास पुरुषों को एक दूसरे से लड़ा रही हैं: 


पुलकेसिन द्वितीय बनाम सम्राट हर्षवर्धन 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया जब बदामी विधानसभा सीट से पर्चा भरने पहुंचे तो वे अपने साथ चालुक्य सम्राट पुलकेसिन द्वितीय की तस्वीर भी ले गए. दरअसल सातवीं शताब्दी में दक्षिण भारत में चालुक्य साम्राज्य था. उधर उत्तर भारत में सम्राट हर्षवर्धन का राज्य था. पुलकेसिन को दक्षिणपथेश्वर और हर्ष को उत्तर पथेश्वर कहा जाता था. दोनों उपाधियों का अर्थ हुआ दक्षिण का स्वामी और उत्तर का स्वामी. उस जमाने में हर्ष ने जब दक्षिण में अपना राज्य विस्तार करने के लिए हमला किया तो पुलकेसिन ने हर्ष को हरा दिया. बाद में दोनों राजाओं के बीच हुई संधि में नर्मदा नदी को दोनों राज्यों की सीमा मान लिया गया. लेकिन सिद्दारमैया ने उस जमाने में चालुक्यों की राजधानी रही बदामी से पर्चा भरते समय कहा कि जिस तरह दक्षिण के पुलकेसिन द्वितीय ने उत्तर भारत के हर्ष वर्धन को हराया था वैसे ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दक्षिण भारतीय उत्तर भारतीयों को हरा देंगे. इस तरह सिद्दरमैया ने खुद को पुलकेसिन और प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को हर्षवद़र्धन के प्रतीक के तौर पेश कर क्षेत्रवादी भावनाएं पनमाने की कोशिश की.


कृष्णदेव राय और बहमनी साम्राज्य:
14वीं से 17वीं शताब्दी तक जब उत्तर भारत में सल्तनत काल और मुगल काल चल रहा था तब दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य की तूती बोलती थी. कृष्णदेव राय इस साम्राज्य के सबसे प्रतापी शासक हुए. उस जमाने में विजयनगर उनके साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी जिसका वर्तमान नाम थंपी है. बीजेपी नेता श्रीरामलु बराबर विजयनगर साम्राज्य का वैभव लौटाने को चुनावी मुद्दा बनाते रहे हैं. बीजेपी का इलजाम है कांग्रेस सरकार ने विजयनगर साम्राज्य की विरासत की उपेक्षा की और बहमनी सुल्तानों को ज्यादा तरजीह दी है. बीजेपी ने एक ट्वीट कर बताया कि किस तरह विजयनगर साम्राज्य की विरासत को उसने पहली बार 50 रुपये के नोट की नई सीरीज में छापा है. बीजेपी विजयनगर बनाम बहमनी साम्राज्य के बहाने हिंदू-मुस्लिम मुद्दे को गर्माने की कोशिश कर रही है.


लिंगायत के बहाने बसवन्ना का जिक्र:
12वीं सदी के कन्नड़ संत बसवन्ना को लिंगायत समुदाय का संस्थापक माना जाता है. राज्य की कांग्रेस सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म बनाने का प्रस्ताव पास कर बीजेपी के इस पारंपरिक वोट बैंक पर निशाना साधा है. बीजेपी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी येदुरप्पा इसी समुदाय से आते हैं. हमेशा से अखंड हिंदू धर्म का समर्थन करती रही बीजेपी इस मुद्दे पर शुरू में बैकफुट पर आई, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान बासवेश्वरा, बसवन्ना का ही एक नाम, की मूर्ति का लोकार्पण कर पहली बार विदेश से ही किसी विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने का प्रयास किया. मजे की बात यह कि जिन संत बसवन्ना के नाम आज धर्म की सियासत हो रही है, उन्होंने अपने दौर में धर्म के पाखंड का विरोध कर वंचित तबके को सीधे ईश्वर के लिंग रूप से जोड़ने की पहल की थी.
 
टीपू सुल्तान
कर्नाटक का राजनीतिक संग्राम 7वीं सदी से शुरू होकर 18वीं सदी तक चला आता है. यहां विवाद मैसूर के टीपू सुल्तान को लेकर हो रहा है. अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ सबसे आधुनिक लड़ाई वाले भारतीय शासक और युद्ध में पहली बार रॉकेट का प्रयोग करने वाले टीपू सुल्तान को यहां हिंदू मुस्लिम के चश्मे से देखा जा रहा है. टीपू में वोट की संभावनाओं देखते हुए कांग्रेस सरकार ने दो साल पहले बड़े पैमाने पर टीपू जयंती के कार्यक्रम शुरू किए. इसके जवाब में बीजेपी ने कहा कि टीपू हिंदुओं पर जुल्म करने वाला जालिम था. पिछले साल दिसंबर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हुबली में कहा कि कांग्रेस टीपू सुल्तान की जयंती मनाती है, हनुमान जयंती नहीं मनाती. योगी ने कहा कि टीपू सुल्तान की जयंती मनाने वालों का नाम नहीं रहेगा.
 
संत तिरुवल्लुवर से लेकर जनरल करियप्पा तक : संत तिरुवल्लुवर तमिल संत हैं और पिछले एक हजार साल से ज्यादा समय से भारतीय मूल के सभी धर्म उन्हें खुद से जोड़कर बताते रहे हैं. संत तिरुवल्लुवर का तमिलनाडु बहुत मान है. कर्नाटक के बंगलौर जिले की शिवाजीनगर विधानसभा सीट पर तमिलों की अच्छी खासी आबादी है, ऐसे में दोनों पार्टियां खुद को तिरुवल्लुवर के ज्यादा करीद दिखा रही हैं.


दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में जनरल करियप्पा का जिक्र किया. जनरल करियप्पा आजाद भारत के पहले सेनाध्यक्ष थे और आजादी के तुरंत बाद कश्मीर पर हुए कबायली हमले को रोकने का काम उन्हीं के नेतृत्व में हुआ था. सेना के इस्तेमाल को लेकर जनरल करियप्पा और महात्मा गांधी में हुआ संंवाद हिंसा और अहिंसा की बहस का महत्वपूर्ण पाठ माना जाता है.




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कर्नाटक विधानसभा चुनाव : 'मुधोल' में भाजपा को मिल रही कड़ी चुनौती

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नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव की जंग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस की विचारधाराओं के साथ दिग्गजों की जंग के रूप में भी देखी जा रही है.  दोनों पार्टियां जहां हर सीट पर जीत हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं तो वहीं कुछ सीटें ऐसी हैं जहां नेताओं का रुतबा उनकी जीत की गारंटी तय करता दिखाई देता है. भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी.एस. येदियुरप्पा के बाद राज्य इकाई के दूसरे दिग्गज नेता गोविंद करजोल मुधोल विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं. कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र संख्या-19 यानी मुधोल निर्वाचन क्षेत्र दुनिया भर में शिकारी कुत्ते की मूल नस्ल के लिए जाना जाता है.


1900 के दशक में इंग्लैंड की यात्रा करने वाले मुधोल के महाराजा किंग जॉर्ज पांचवें को शिकारी कुत्तों का एक जोड़ा भेंट किया था, जो मुधोल नस्ल को लोकप्रिय बनाता था. मुधोल में शिव का एक बहुत पुराना भूमिगत मंदिर है. साथ ही मुधोर यहां पाए जाने वाले बारीक पत्थरों के लिए भी प्रसिद्ध है. मुधोल तालुक में बहुत अधिक संख्या में हैंडलूम हैं, जहां हस्तनिर्मित साड़ी बनाई जाती हैं.


मुधोल कई चीनी कारखानों के लिए भी पूरे राज्य में प्रसिद्ध है
इन साड़ियों की देश भर में अच्छी मांग भी हैं. इसके अलावा मुधोल कई चीनी कारखानों के लिए भी पूरे राज्य में प्रसिद्ध है. बात करें क्षेत्रीय राजनीति की तो मुधोल निर्वाचन क्षेत्र 1978 से लेकर 2008 से अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के लिए आरक्षित था.  हालांकि 2013 में इसे एक सामान्य श्रेणी निर्वाचन क्षेत्र में बदल दिया गया था. उत्तरी कर्नाटक के बागलकोट जिले में स्थित मुधोल निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव की शुरुआत 1957 के बाद से कभी भी भाजपा का नेता दूसरे नंबर पर नहीं रहा. हालांकि 1999 इसका अकेला अपवाद रहा है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार रामप्पा बालाप्पा ने गोविंद करजोल को शिकस्त दी थी. 


गोविंद करजोल मुधोल निर्वाचन क्षेत्र के सबसे अनुभवी उम्मीदवार
भाजपा कर्नाटक इकाई के उपाध्यक्ष गोविंद करजोल मुधोल निर्वाचन क्षेत्र के सबसे अनुभवी उम्मीदवार हैं.  1994 में जनता दल के टिकट पर कांग्रेस के उम्मीदवार रामप्पा बालाप्पा के खिलाफ चुनाव लड़कर जीतने वाले गोविंद ने इस क्षेत्र पर कब्जा जमाया था.  हालांकि 1999 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बालाप्पा के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2004, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर गोविंद ने इस सीट को भाजपा की सुरक्षित सीटों में शुमार कर दिया. प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद विधानसभा चुनाव 2018 में एक बार फिर से मैदान में हैं. 


नए नेता सतीश को टिकट दिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया
वहीं लगातार पांच विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के हाथ के साथ मैदान में उतरने वाले रामप्पा बालाप्पा से पार्टी ने किनारा कर सतीश चिन्नपा बंदीवद्दार को टिकट दिया है. नए नेता सतीश को टिकट दिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया था और पांच बार गोविंद के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले रामप्पा बालाप्पा को फिर से टिकट देने की मांग की थी. वहीं राज्य में सत्ता की राह तलाश रही जनता दल (सेक्युलर) ने शंकर नाईक को चुनाव मैदान में उतारा है. शंकर ने 2003 में अखिल भारतीय प्रगतिशील जनता दल (एआईपीजेडी) का दामन छोड़कर जेडी (एस) का हाथ थामा था. 


इसके साथ ही शिवसेना के अरविंद कांबली, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के भीमराव कालवगोल, प्रबुद्ध रिपब्लिकन पार्टी के रमेश गोन्यागोल, कर्नाटक राज्य रोयता संघ के बस्वंत लक्ष्मण कांबली और एक निर्दलीय चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जनता दल (सेक्युलर) को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है. कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 मई को मतदान होगा और मतों की गणना 15 मई को होगी. 


इनपुट एजेंसी से भी  




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Cm Yogi Adityanath Says Siddaramaiah Is Very Perfect In Lying - कर्नाटक चुनाव: सीएम योगी बोले- झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं सिद्धरमैया

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा की बड़ी जीत होने वाली है जबकि यहां कांग्रेस बुरी तरह हारने वाली है, क्योंकि कांग्रेस विभाजनकारी और भ्रष्टाचार की राजनीति करती है। 

इस दौरान उन्होंने गुरुवार को आए आंधी-तूफान पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए तेज तूफान और बारिश के कारण जो बाधा आई है उसपर वह खुद नजर बनाए हुए हैं। पूरे प्रदेश में राहत कार्य जारी है। जिस पर उनकी नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह कल से राज्य के दौरे पर निकलेंगे और तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेंगे।

इससे पहले कर्नाटक में भाजपा के लिए वोट मांग रहे यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जनता से कहा कि वह कांग्रेस को खारिज कर दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिहादी मानसिकता वाली पार्टी है और वह बांटने की राजनीति करती है। एक जनसभा में आदित्यनाथ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर ‘सबसे भ्रष्ट सरकार’ चलाने का आरोप लगाया। योगी ने कहा, ‘मैं यहां आपसे अपील करने आया हूं कि आप कांग्रेस की विभाजनकारी, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दें।’ 
सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ‘जिहादियों’ ने राज्य में पिछले पांच वर्षों में भाजपा के 23 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी और यह इस बात का प्रमाण है। आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और कर्नाटक की तुलना करते हुए कहा कि उनके प्रदेश में कोई जिहादी तत्व अपना सिर नहीं उठा सकता।

सिद्धारमैया कर्नाटक को एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए मैं यहां यह बताने आया हूं कि कर्नाटक मुक्त कांग्रेस इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। उत्तर प्रदेश के आंधी से प्रभावित होने के बावजूद कर्नाटक में योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार करने की कांग्रेस ने आलोचना की है। मालूम हो कि धूल भरी आंधी से प्रदेश में कई लोगों की मौत हो गई है। 

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट के जरिये प्रदेश के मुख्यमंत्री की इस बात के लिए खिंचाई की है कि वह प्रभावितों को छोड़कर कर्नाटक में प्रचार कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने इतिहास का ज्ञान दुरुस्त करना चाहिए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक में एक चुनावी रैली में कांग्रेस पर सेना और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अपमान करने का आरोप लगाया था।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा की बड़ी जीत होने वाली है जबकि यहां कांग्रेस बुरी तरह हारने वाली है, क्योंकि कांग्रेस विभाजनकारी और भ्रष्टाचार की राजनीति करती है। 


इस दौरान उन्होंने गुरुवार को आए आंधी-तूफान पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए तेज तूफान और बारिश के कारण जो बाधा आई है उसपर वह खुद नजर बनाए हुए हैं। पूरे प्रदेश में राहत कार्य जारी है। जिस पर उनकी नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह कल से राज्य के दौरे पर निकलेंगे और तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेंगे।

इससे पहले कर्नाटक में भाजपा के लिए वोट मांग रहे यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जनता से कहा कि वह कांग्रेस को खारिज कर दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिहादी मानसिकता वाली पार्टी है और वह बांटने की राजनीति करती है। एक जनसभा में आदित्यनाथ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर ‘सबसे भ्रष्ट सरकार’ चलाने का आरोप लगाया। योगी ने कहा, ‘मैं यहां आपसे अपील करने आया हूं कि आप कांग्रेस की विभाजनकारी, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दें।’ 





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जिहादियों ने राज्य में पिछले 5 वर्षों में BJP के 23 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी







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After Narendra Modi And Amit Shah Top Choice Of Karnataka Is Yogi Adityanath - मोदी और शाह के बाद कर्नाटक की टॉप च्वाइस योगी आदित्यनाथ

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।

भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।


भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।





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Thursday, May 3, 2018

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा, महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन

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कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए कई योजनाओं का एलान किया। किसानों को 1 लाख रुपए तक फसल कर्ज माफ करने के साथ किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए 1.50 लाख करोड़ रूपए के सिंचाई प्रोजेक्ट्स और 1 लाख रूपए तक के फसल कर्ज माफ कर दिए जाएंगे। वहीं, बीपीएल परिवारों को स्मार्टफोन और कॉलेज छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया।


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पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला कार्यकर्ताओं को दिया कर्नाटक चुनाव जीतने का 'गुरुमंत्र'

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नमो ऐप के जरिए कर्नाटक में बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं से संवाद किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि समाज में लिंगानुपात बेहतर होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि महिलाएं मान जाएं तो पूरा परिवार उस बात को मान लेता है. पीएम ने भरोसा दिलाया कि हमारा देश महिला विकास और महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही है, जिसमें बीजेपी को भी भरोसा है. हम महिला नेतृत्व में विकास की बात करते हैं.


पीएम ने बीजेपी की महिल कार्यकर्ताओं से कहा कि वोटरों तक सही बात पहुंचाने की ताकत उन्हीं में है. चुनाव जितने के लिए महिला कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल तक सरकार के कार्यों को पहुंचाना होगा. महिला कार्यकर्ता वोटर्स को आसानी से अपनी बात समझा सकती हैं. उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ जीतने पर फोकस करें, चुनाव अपने आप जीत जाएंगे.


उन्होंने कहा कि संगठन हो या सरकार हम महिलाओं को प्राथमिकता देते हैं. पीएम ने केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और निर्मला सीतारमण की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि दुनिया भर के नेताओं के बीच हमारी ये दो महिला नेता देश को मजबूती से पेश करती हैं.



पीएम ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को सफल बनाने की अपील की. साथ ही समाज के लोगों से पूछा कि क्या वे कभी बेटों से पूछते हैं कहां जा रहे हो, कहां गए थे? उन्होंने अपील की कि अगर लड़कों से ऐसे सवाल किए जाने लगेंगे तो महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के मामलों में काफी कमी आएगी.


इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी ने चुनावी भाषण में कहा कि कर्नाटक सरकार भ्रष्टाचार में ‘गोल्ड मेडलिस्ट’ है और कांग्रेस नेता ‘सत्ता के नशे में चूर’ है. मोदी ने इस राज्य में आगामी चुनाव से कुछ दिन पहले भाजपा की रैलियों को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां कीं. राष्ट्रवाद का मुद्दा उठाते हुए मोदी ने राष्ट्रीय नायकों तथा सेना का ‘‘ अपमान ’’ करने पर कांग्रेस की निंदा की. 


उन्होंने त्रिशंकु विधानसभा के चुनावी विश्लेषकों के पूर्वानुमान को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा अपने दम पर सरकर बनाएगी क्योंकि जनता ने ‘कांग्रेस के अंतिम किले को ढहाने का’ मन बना लिया है. 


जेडीएस को बीजेपी की ‘बी टीम’ कहकर पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा का अपमान करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की निंदा करने के कुछ दिन बाद मोदी ने जनता से देवगौड़ा की पार्टी को अपना वोट देकर इसे ‘व्यर्थ’ नहीं करने का अनुरोध किया और कहा कि यह पार्टी चुनावों में तीसरे स्थान पर रहेगी.


सिद्धरमैया सरकार को बताया ‘सीधा रुपैया सरकार’
खनन घोटाले में कथित रूप से संलिप्त विवादित रेड्डी बंधुओं को भाजपा द्वारा टिकट देने को लेकर विपक्ष के हमले का सामना कर रहे मोदी ने कर्नाटक सरकार पर पलटवार करते हुए उस पर आरोप लगाया कि वह खनन नीति तैयार नहीं करके अवैध खनन को रोकने के केन्द्र के प्रयास को नाकाम कर रही है. 


सिद्धरमैया सरकार को ‘सीधा रुपैया सरकार’ बताते हुए मोदी ने बेल्लारी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक आम आदमी अधिकारियों को रिश्वत दिये बिना अपना कोई काम नहीं करा सकता. 




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