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Friday, May 4, 2018

Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






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व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







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After Narendra Modi And Amit Shah Top Choice Of Karnataka Is Yogi Adityanath - मोदी और शाह के बाद कर्नाटक की टॉप च्वाइस योगी आदित्यनाथ

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।

भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।


भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।





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Thursday, May 3, 2018

PM Modi bends down to help tribal woman Ratnibai wear slippers at Chhattisgarh rally

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Publish Date:Fri, 04 May 2018 10:48 AM (IST)



रायपुर [अनिल मिश्रा]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो चप्पल रत्नीबाई को पहनाई, वह अब रत्नीबाई के लिए सहेज कर रखने वाली धरोहर बन गई है। बुजुर्ग रत्नीबाई घर से खेत और खेत से जंगल तक नंगे पांव ही घूमती हैं, चप्पल को तो उन्होंने अपने झोपड़ेनुमा घर के इकलौते कमरे में धान के बोरे में सहेजकर रख दिया है।


इतना ही नहीं, कमरे का ताला बंद ...और चाबी रत्नीबाई के गले में। प्रधानमंत्री के हाथों मिली चप्पल को रत्नीबाई बेहद खास मौकों पर ही निकालती हैं, निहारती हैं, अपने तरीके से पोंछती हैं और इसके बाद उसे यूं पहनती हैं मानों पांव में चप्पल नहीं, किसी बादशाह ने सिर पर ताज धारण किया हो।



प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को बीजापुर, छत्तीसगढ़ के जांगला कस्बे में पहुंचे थे। वहां एक जनसभा को संबोधित करने के साथ ही उन्हें कई योजनाओं का शुभारंभ भी करना था। ऐसी ही एक योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहक रत्नीबाई को चरण पादुका देने के लिए मंच पर बुलाया गया।



जब रत्नीबाई मंच पर आईं तब प्रधानमंत्री अपनी जगह से उठे और अचानक झुककर अपने हाथों से रत्नीबाई के पावों में चप्पल पहना दी। यह बेहद खास और भावुक पल था। मोदी के ऐसा करते ही पूरा देश रत्नीबाई को पहचान गया।


अब रत्नीबाई अपने गांव ही नहीं, आसपास के पूरे इलाके में खास शख्सियत बन चुकी हैं। उनके लिए वह पल जीवन का सबसे खास पल बन चुका है। प्रधानमंत्री की भेंट की हुई चप्पल की देख-रेख में उन्होंने कोई कसर नहीं उठा रखी है।


घर में सबसे कीमती चीज चप्पल


ब्लॉक मुख्यालय भैरमगढ़ से सटे बंडपाल गांव में रत्नीबाई का भरा पूरा परिवार है, लेकिन संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं। मिट्टी के घर के बाहर महुआ सुखाती रत्नीबाई ने गले में सूत की डोरी से बंधी कमरे की चाबी दिखाई। रत्नी के पुत्र बारीचंद समरथ ने बताया कि मां दिन भर नंगे पांव ही रहती हैं। किसी खास आयोजन में जाना हो तो ही चप्पल पहनती हैं। घर में चोरी होने लायक कुछ नहीं है लेकिन चप्पल जरूर बेशकीमती हो गई है। मां उसकी दिन रात रखवाली करती हैं।



- इसे मोदी ने दिया है, बाहर क्यों निकालूं भला। हर जगह पहनने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह बहुत खास चीज है, खास मौके के लिए ही है। - रत्नीबाई (स्थानीय गोंडी बोली में रखी अपनी बात)। 


By Sanjay Pokhriyal




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Wednesday, May 2, 2018

Rahul Gandhi Attacks Modi On Agriculture Policies Gives Him F Grade

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नई दिल्ली. राहुल गांधी ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी के उस आरोप का जवाब दिया जिसमें उन्होंने सिद्दारमैया सरकार पर किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने की बात कही थी। राहुल ने कहा कि केंद्र ने राज्य के किसानों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने इसके लिए बकायदा एक रिपोर्ट कार्ड भी जारी किया, जिसमें मोदी सरकार को 'एफ' ग्रेड दिया। बता दें कि मोदी ने बुधवार को ऐप के जरिए पार्टी के किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से बात की थी।

किसानों के मुद्दे समझने वाली सरकार की जरूरत
मोदी ने कहा, यह समय कर्नाटक में ऐसी सरकार बनाने का है जो किसानों के मुद्दों को समझती हो। हमारा वार्षिक बजट अब तक किसानों को लाभ पहुंचाने के उपायों को लेकर सराहा गया है। देश की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व को बताते हुए पीएम ने कहा कि केंद्रीय बजट 2018-19 में हमने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उत्पादन लागत के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 1.5 गुना बढ़ोतरी की है।

कांग्रेस राज्य होने की वजह से कर्नाटक से भेदभाव

- इधर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- "प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ। इसके जरिए निजी बीमा कंपनियां बड़ा मुनाफा कमा रही हैं और किसान परेशान हैं।"
- "कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने किसानों के 8500 करोड़ का कर्ज माफ किया। इसमें केंद्र का कोई योगदान नहीं था।"
- राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी कोई योगदान नहीं दिया। इस ट्वीट में खरीफ की 12 फसलों का जिक्र किया।

मोदी ने कहा था- येद्दियुरप्पा सुनिश्चित करेंगे किसानों की दोगुनी आय
- नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नमो ऐप के जरिए पार्टी के किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा- "किसान' नेता बीएस येद्दियुरप्पा सुनिश्चित करेंगे कि राज्य में किसानों की आय 2022 तक दोगुनी हो सके। कर्नाटक में किसानों की तरक्की के लिए संवेदनशील सरकार की जरूरत है। किसान नेता येद्दियुरप्पा नये उत्साह के साथ किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हमारी कोशिशों के साथ मिलकर काम करेंगे।''
- प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए पर्याप्त काम न करने का सिद्दारामैया सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर जल स्रोतों को सुखा दिया गया और उन्हें मकान बनाने वालों को सौंप दिया गया।



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Narendra Modi Rallies In Karnataka Assembly Election

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बेंगलुरू.कर्नाटक में मोदी गुरुवार को कलबुर्गी, बेल्लारी और बेंगलुरु में 3 रैलियां करेंगे। इस दौरान मोदी 47 सीटों को कवर करेंगे। उधर, स्थानीय नेताओं की मांग पर प्रधानमंत्री की रैलियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले शेडयूल में उन्हें 15 जगह जनसभाओं को संबोधित करना था। अब 6 और रैलियां करेंगे। यानी मोदी अब कुल 21 रैलियां करेंगे। हालांकि, अभी भाजपा ने यह नहीं बताया है कि ये रैलियां कहां और कब होंगी। इन नेताओं का कहना है कि मोदी की 1 मई को हुई 3 रैलियों से माहौल बदला है। बता दें कि राज्य में 224 सीटों पर 12 मई को वोटिंग होगी और 16 मई को नतीजे आएंगे।

21 सभाओं में 215 सीटों को कवर करेंगे
- कर्नाटक में मोदी की पहले 15 रैलियां प्रस्तावित थीं। अब 6 और रैलियों में बदलाव किया गया है। मोदी के चुनाव प्रचार का अगला चरण 5 मई को शुरू होगा। इसमें मोदी टुमकुर, शिवमोगा (शिमोगा) और गड़ाग में सभाएं करेंगे। यहां वे 49 सीटों को कवर करेंगे।

- मोदी 7 मई को रायचूर, चित्रदुर्ग, कोलार और 8 मई को विजयवाड़ा और मैंगलुरु में रैली करेंगे। इन दो दिनों में वे 65 सीटों को कवर करेंगे।

- मोदी ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत 1 मई को थी। मोदी ने पहली सभा में चामाराजनगर, मैसूर और मांड्या की 22 सीटों को कवर किया था। इस तरह मोदी 21 सभाओं के जरिए 215 सीटों को कवर करेंगे।

मोदी ने साधा था राहुल गांधी के 15 मिनट की चुनौती पर निशाना
- नरेंद्र मोदी ने पहले चरण के चुनावी अभियान में कांग्रेस सीएम सिद्धारमैया और राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था- राहुल सिद्धारमैया सरकार की उपलब्धियों पर किभी भी भाषा में बिना पढ़े 15 मिनट बोलकर दिखाएं।

- मोदी के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई। जवाब में सिद्धारमैया ने कहा था- "येदियुरप्पा की पूर्व सरकार की उपलब्धियों पर प्रधानमंत्री कागज से पढ़कर ही 15 मिनट बोल दें।"

मोदी ने किसानों से भी किया संवाद
- मोदी ने बुधवार को पार्टी की किसान इकाई के कार्यकर्ताओं से भी ऐप के जरिए बात की। कर्नाटक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शिकायतों पर मोदी ने कर्नाटक सरकार को उदासीन बताया।



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Modi government betters pension plan for elderly people

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नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. अब प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) के अंतर्गत वरिष्‍ठ नागरिक 15 लाख रुपए तक निवेश कर पाएंगे. इससे उन्‍हें हर माह 10000 रुपए पेंशन मिलने का रास्‍ता साफ हो गया है. यही नहीं इस योजना का सदस्‍य बनने की अंतिम तारीख भी 4 मई 2018 से बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दी गई है, यानि अब वरिष्‍ठ नागरिक इस बढ़ी हुई तारीख तक इसके सदस्‍य बन पाएंगे. पहले इस योजना में निवेश सीमा 7.5 लाख रुपए ही थी. यह फैसला केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया गया है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसकी पुष्टि की है. उनक मुताबिक निवेश सीमा प्रति परिवार 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने से वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा का कवर बढ़ जाएगा.


एलआईसी दे रही है 8 प्रतिशत रिटर्न
केंद्र ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्‍य से उठाया है. प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (PMVVY) भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) चला रही है. इसका उद्देश्‍य 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देना है. सरकार के मुताबिक मार्च 2018 तक कुल 2.23 लाख वरिष्‍ठ नागरिकों ने इस योजना को ग्रहण किया है. इससे पहले वरिष्‍ठ पेंशन बीमा योजना-2014 प्रभावी थी, जिसमें 3.11 लाख वरिष्‍ठ नागरिक पंजीकृत थे.


क्या है पीएमवीवीवाई
इस योजना के तहत सदस्यों को 10 साल तक 8 प्रतिशत सुनिश्चित रिटर्न के रूप में पेंशन मिलती है. वरिष्ठ नागरिक मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर पेंशन लेते है. यही नहीं रिटर्न 8% से कम आने पर सरकार उसकी भरपाई करती है.


कैसे ले प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की सदस्‍यता 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस पेंशन योजना की शुरुआत 2017 में की थी. इस उत्पाद को ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी सबस्‍क्राइब किया जा सकता है. इस योजना को माल एवं सेवा कर (GST) से छूट दी गई है. पेंशन लेने के 3 साल बाद नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिये खरीद मूल्य का 75% तक कर्ज लिया जा सकता है. पेंशनभोगी की पॉलिसी अवधि के दौरान मौत होने की स्थिति में खरीद मूल्य लाभार्थियों को सौंपा जाएगा. इस दौरान लागत का भुगतान सरकार से सब्सिडी के रूप में एलआईसी को करेगी.




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Modi Cabinet Launch New Schemes For Farmers

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  • सरकार 20 नए एम्स खोलने के अलावा 73 मेडिकल कॉलेजों को भी विकसित करेगी।
  • वरिष्ठ नागरिक प्रधानमंत्री वय वंदन योजना के तहत अब 5 लाख रुपये तक निवेश कर सकेंगे।

नई दिल्ली. कर्नाटक चुनाव से पहले केंद्र ने बुधवार को किसानों को कई सौगात दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने को लेकर कई फैसले किए गए। इनमें कृषि विस्‍तार उप मिशन, चीनी मिलों को सहायता समेत कई योजनाएं शामिल हैं। केंद्रीय कानून और सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कैबिनेट ने देश में 20 नए एम्स खोलने पर भी अपनी मुहर लगा दी है। सरकार अगले दो साल में जनता को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं देने को लेकर 14,800 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

60,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

- रविशंकर प्रसाद ने बताया, " प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की अवधि को 12वीं पंचवर्षीय योजना से बढ़ाकर 2019-20 तक कर दिया है। इस योजना के तहत 20 नए एम्स का निर्माण होगा।
- हर एम्स में करीब 3,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। इस तरह करीब 60,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और ट्रामा सेंटर खुलेंगे।
- कैबिनेट ने नई दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में 100 बेड वाला एक सामान्य अस्पताल खोलने की भी मंजूरी दी है। इसके निर्माण में करीब 95 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।

लखनऊ, चेन्नई व गुवाहाटी हवाई अड्डों पर बनेंगे नए टर्मिनल

- केंद्रीय मंत्री के अनुसार, "आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने देश के विभिन्न हवाई अड्डों के लिए 21,000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। चेन्नई हवाई अड्डे पर एक नया टर्मिनल बनाने के साथ उसको विकसित करने के लिए 2,467 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। नए टर्मिनल में हरित भवन जैसी विशेषताएं होंगी। इसका मकसद जीआरआईएचए-4 स्टार की रेटिंग हासिल करना है।"

- प्रसाद ने कहा, "गुवाहाटी और लखनऊ हवाई अड्डों पर नए टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए क्रमश- 1,383 और 1,232 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।"

सरकार ने दी चीनी मिलों को सहायता
- केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को 5.5 रुपए प्रति क्विंटल की दर से आर्थिक मदद देने का फैसला किया है, ताकि चीनी मिलें किसानों के बकाए का भुगतान कर सकें। इस पर सीसीईए ने अपनी मुहर लगा दी है।

- रवि शंकर प्रसाद ने बताया, यह राशि सीधे किसानों के खातों में जाएगी। कृषि क्षेत्र के लिए 'हरित क्रांति कृषि उन्नति योजना' शुरू की जाएगी। इस योजना के लिए 2019-20 तक 33,273 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

कृषि विस्‍तार उप मिशन के तहत 2,961 करोड़ रुपये मंजूर
- कृषि विस्‍तार उप मिशन (एसएमएई) के तहत 2961.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
- बीज तथा पौध रोपण सामग्री उप मिशन में केंद्र की कुल हिस्‍सेदारी 920.6 करोड़ रुपए तय की गई है। इसका उद्देश्‍य प्रमाणित गुणवत्‍तापूर्ण बीज का उत्‍पादन बढ़ाना, बीजों की गुणवत्‍ता को बढ़ाना, बीज उत्पादन शृंखला को मजबूत बनाना, बीज उत्‍पादन में नई तकनीकों और तौर-तरीकों को प्रोत्‍साहित करना है।

- कृषि मशीनीकरण उपमिशन के तहत 3,250 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इससे छोटे किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें और आर्थिक नुकसानों की भरपाई के लिए 'कस्‍टम हायरिंग सेंटरों' को बढ़ावा मिल सके।

- पौध संरक्षण उपमिशन (एसएमपीपीक्‍यू) में केंद्र 1022.67 करोड़ रुपए देगा।

प्रधानमंत्री वय वंदन योजना में निवेश सीमा हुई दोगुनी
- रविशंकर प्रसाद ने बताया, "वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के अपने वादे के तहत प्रधानमंत्री वय वंदन योजना में निवेश की आखिरी तारीख 31 मार्च 2020 कर दी है। "

- केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री वय वंदन योजना वरिष्ठ नागरिकों को उनके निवेश पर एक तय राशि देने के उद्देश्य से शुरू की थी। इसमें निवेश की आखिरी तारीख 3 मई 2018 थी।

- पहले इसमें अधिकतम 7.5 लाख रुपये तक की राशि ही निवेश की जा सकती थी, जिसे सरकार ने अब दोगुना कर दिया है। इससे निवेशकों को 10 हजार रुपये तक की मासिक आय हो सकेगी।



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Modi Government Cabinet Meeting Gifted 20 New Aiims And Sugarcane Farmers - Pm मोदी ने की तोहफों की बारिश, किसानों को बोनस, 20 नए एम्स को मंजूरी

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मोदी सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले कई तोहफे की घोषणा की है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने, देश भर में 20 नए एम्स की स्थापना, 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने, लखनऊ सहित तीन हवाई अड्डों का विस्तार करने और किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 येाजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में शामिल करने का फैसला किया गया। 

कैबिनेट की बैठक के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना की अवधि को 12वीं पंचवर्षीय योजना से बढ़ा कर 2019-20 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश भर में 20 नए एम्स का निर्माण करने और 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने का फैसला किया गया है। इसके लिए फिलहाल 14,832 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। प्रसाद ने बताया कि नए एम्स कहां बनेंगे, इसका निर्णय विस्तृत समीक्षा के बाद किया जाएगा।  

प्रसाद ने बताया कि नभ निर्माण योजना के तहत फिलहाल लखनऊ, चेन्नई और गुवाहाटी हवाई अड्डे की विस्तार परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस मद में 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लखनऊ एयरपोर्ट पर एक और टर्मिनल बनाने पर 1232 करोड़ रुपये खर्च होंगे। धीरे-धीरे अन्य एयरपोर्ट का भी विस्तार होगा, जिस पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत 112 अतिरिक्त जिलों को जोड़ने की भी घोषण की गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने दिल्ली के नजफगढ़ में 100 बिस्तरों वाले सामान्य अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसके लिए फिलहाल 95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।


केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को राहत मुहैया कराने के लिए साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी देने को मंजूरी प्रदान कर दी। इसका मकसद नकदी की समस्या से जूझ रही मिलों को गन्ना बकाए के भुगतान में मदद करना है। चीनी मिलों पर किसानों के भारी बकाया के चलते यह निर्णय मंत्रियों के समूह की सिफारिश पर लिया गया है। मिलों पर बकाया राशि बढ़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। याद रहे कि सरकार ने यह फैसला ऐसे समय किया है जबकर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने हैं और वह प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में से एक है। 

हरित क्रांति कृषोन्नति योजना
कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 योजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में समाहित कर इसकी अवधि 2019-20 तक बढ़ा दी है। प्रसाद ने बताया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इस आशय का फैसला लिया गया है। इस योजना के लिए 33,273 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं।

पीएम वय वंदन योजना में निवेश सीमा बढ़ी
केंद्रीय कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन देने वाली प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) में निवेश की सीमा को साढ़े सात लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने को मंजूरी दे दी। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देना संभव होगा। इसमें सब्सक्रिप्शन की समय सीमा 4 मई, 2018 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 कर दी गई है।



मोदी सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले कई तोहफे की घोषणा की है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने, देश भर में 20 नए एम्स की स्थापना, 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने, लखनऊ सहित तीन हवाई अड्डों का विस्तार करने और किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 येाजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में शामिल करने का फैसला किया गया। 


कैबिनेट की बैठक के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना की अवधि को 12वीं पंचवर्षीय योजना से बढ़ा कर 2019-20 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश भर में 20 नए एम्स का निर्माण करने और 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने का फैसला किया गया है। इसके लिए फिलहाल 14,832 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। प्रसाद ने बताया कि नए एम्स कहां बनेंगे, इसका निर्णय विस्तृत समीक्षा के बाद किया जाएगा।  

प्रसाद ने बताया कि नभ निर्माण योजना के तहत फिलहाल लखनऊ, चेन्नई और गुवाहाटी हवाई अड्डे की विस्तार परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस मद में 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लखनऊ एयरपोर्ट पर एक और टर्मिनल बनाने पर 1232 करोड़ रुपये खर्च होंगे। धीरे-धीरे अन्य एयरपोर्ट का भी विस्तार होगा, जिस पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत 112 अतिरिक्त जिलों को जोड़ने की भी घोषण की गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने दिल्ली के नजफगढ़ में 100 बिस्तरों वाले सामान्य अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसके लिए फिलहाल 95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।






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गन्ना किसानों पर करम







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Modi Twice As Popular On Facebook As Donald Trump

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  • नरेंद्र मोदी के मुकाबले ट्रम्प के रोजाना औसत फेसबुक पोस्ट की संख्या दोगुनी है
  • अध्ययन में 1 जनवरी 2017 से दुनियाभर के 650 नेताओं के फेसबुक पेजों की पड़ताल की गई

वॉशिंगटन.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प फॉलोअर्स के मामले में भले ही ट्विटर पर नेताओं में सबसे आगे हैं, लेकिन फेसबुक पर नरेंद्र मोदी के फॉलोअर उनसे दोगुने हैं। यह बात बुधवार को कम्युनिकेशन फर्म बर्सन मार्ट्सटेलर के अध्ययन में सामने आई। इसके लिए 1 जनवरी 2017 से दुनियाभर के 650 नेताओं के पर्सनल और इंस्टीट्यूशनल फेसबुक पेजों की पड़ताल की गई। वहीं, भारत में कांग्रेस नेताओं की बात करें तो राहुल गांधी ट्विटर पर शशि थरूर को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता बन गए हैं।

ट्रम्प फेसबुक इंटरेक्शन में मोदी से आगे

- अध्ययन के मुताबिक, फेसबुक पर यूजर्स से इंटरेक्शन में ट्रम्प आगे हैं। उन्होंने बीते 14 महीने में करीब 20 करोड़ 50 लाख लाइक, शेयर और कमेंट किए। जबकि मोदी के लाइक, शेयर और कमेंट की संख्या करीब 11 करोड़ 30 लाख है। वहीं, मोदी के मुकाबले ट्रम्प के रोजाना औसत फेसबुक पोस्ट की संख्या भी दोगुनी है।

न्यूजीलैंड के पीएम फेसबुक पर सबसे पसंदीदा नेता

- न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न सोशल मीडिया टीम की बजाय खुद फेसबुक पेज हैंडल करते हैं। इसमें उनके द्वारा कार और घर से किए कई लाइव ब्रॉडकास्ट शामिल हैं। वे फेसबुक पर सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले वर्ल्ड लीडर हैं। उनके इंटरेक्शन में 14% फॉलोअर लव हार्ट्स भेजते हैं।

कंबोडिया के प्रधानमंत्री के फेसबुक फॉलोअर 50% बढ़े

- फेसबुक फॉलोअर्स में कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन 5वें स्थान पर हैं। उनके फॉलोअर्स 50% बढ़कर 96 लाख हो गए हैं। इनकी संख्या कंबोडिया के फेसबुक यूजर्स 71 लाख से ज्यादा है।

सोशल मीडिया पर मोदी-ट्रम्प कितने असरदार?

फेसबुक फॉलोअरट्विटर फॉलोअर
नरेंद्र मोदी4 करोड़ 32 लाख4 करोड़ 23 लाख
डोनाल्ड ट्रम्प2 करोड़ 32 लाख5 करोड़ 14 लाख

राहुल सबसे ज्यादा ट्विटर फॉलोअर वाले कांग्रेस नेता

-अध्ययन में सामने आया है कि कांग्रेस नेताओं में राहुल गांधी के ट्विटर फॉलोअर्स सबसे ज्यादा 67 लाख 86 हजार हो गए हैं। उन्होंने पार्टी नेता शशि थरूर 66 लाख 99 हजार फॉलोअर्स को पीछे छोड़ा।



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Tuesday, May 1, 2018

PM Modi interacts with Farmers NAMO APP

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कांग्रेस की किसान नीति पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने देश के अन्नदाता को नजरअंदाज किया है. 





नमो ऐप से पीएम मोदी का किसानों से संवाद, कहा-'कृषि-किसान का कल्याण सरकार का चरित्र'

पीएम मोदी ने कहा, 'कृषि से जुड़े सभी पहलुओं पर केंद्र सरकार ध्यान लगाए हुए है.' (फोटो साभार : ANI)







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