Showing posts with label सकत. Show all posts
Showing posts with label सकत. Show all posts

Friday, May 4, 2018

Egg can be Herbal or Ayurvedic? ZEE जानकारीः क्या अंडा हर्बल या आयुर्वेदिक भी हो सकता है?

[ad_1]





सबसे पहले आपको ये समझना होगा कि कुछ लोग इस अंडे को आयुर्वेद और हर्बल जैसे शब्दों के साथ क्यों जोड़ रहे हैं? मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिको ने मुर्गियों को खिलाने वाले भोजन में आयुर्वेदिक और हर्बल चीज़ों को शामिल किया है...जिसका असर अंडों पर होता है . 




[ad_2]

Source link

What was reason behind coach collapse । बैठ गया संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का डिब्बा, क्या रही तकनीकी वजह और क्या हो सकता था परिणाम

[ad_1]




अगली
खबर



बिहार बोर्ड के छात्रों को रिजल्ट के लिए अब ज्यादा दिन नहीं करना होगा इंतजार





[ad_2]

Source link

Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

[ad_1]



न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



ख़बर सुनें



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






आगे पढ़ें

व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







[ad_2]

Source link

Neemrana Dialogue: No Change In India Position That Terror And Talks Cannot Go Together - भारत की पाक को दो टूक, आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकते

[ad_1]



न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 09:57 AM IST



ख़बर सुनें



भारत सरकार का कहना है कि उसने पाकिस्तान के साथ अनौपचारिक बातचीत नीमराना शुरू कर दी है। यह दोनों देशों के बीच एक सामान्य प्रक्रिया है। जहां एक तरफ विदेश मंत्रालय इस बात पर चुप्पी साधे हुए है कि इस बातचीत को सरकार की तरफ से मंजूरी मिली थी या नहीं वहीं मंत्रालय का कहना है कि वह पहले की स्थिति पर कायम है कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।

इस बातचीत को नीमराना डायलॉग नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि साल 1991-92 में राजस्थान के नीमराना किले में भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बैठक हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है कि दोनों तरफ से व्यावहारिक आदान-प्रदान सामान्य प्रक्रिया के तौर पर जारी है। यह दो नागरिक समाज के बीच एक बैठक थी जोकि पीपुल टू पीपुल बातची का का हिस्सा है। इसमें कुछ नया नहीं है। 

नीमराना डायलॉग की नए सिरे से शुरुआत करने के लिए हाल ही में भारत से एक दल इस्लामाबाद गया था। भारत की तरफ से जहां इस दल का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान विशेषज्ञ विवेक काटजू और पूर्व एनसीईआरटी प्रमुख जेएस राजपूत ने किया था। वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व मंत्री जावेद जब्बर सहित दूसरे लोग मौजूद थे। यह बातचीत 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई थी। 

जब कुमार से पूछा गया कि क्या इस डायलॉग को मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है तो उन्होंने इसका सीधा जवाब ना देते हुए बस इतना कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया साफ है जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी स्थिति अब भी वही है कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई थी।



भारत सरकार का कहना है कि उसने पाकिस्तान के साथ अनौपचारिक बातचीत नीमराना शुरू कर दी है। यह दोनों देशों के बीच एक सामान्य प्रक्रिया है। जहां एक तरफ विदेश मंत्रालय इस बात पर चुप्पी साधे हुए है कि इस बातचीत को सरकार की तरफ से मंजूरी मिली थी या नहीं वहीं मंत्रालय का कहना है कि वह पहले की स्थिति पर कायम है कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।


इस बातचीत को नीमराना डायलॉग नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि साल 1991-92 में राजस्थान के नीमराना किले में भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बैठक हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है कि दोनों तरफ से व्यावहारिक आदान-प्रदान सामान्य प्रक्रिया के तौर पर जारी है। यह दो नागरिक समाज के बीच एक बैठक थी जोकि पीपुल टू पीपुल बातची का का हिस्सा है। इसमें कुछ नया नहीं है। 

नीमराना डायलॉग की नए सिरे से शुरुआत करने के लिए हाल ही में भारत से एक दल इस्लामाबाद गया था। भारत की तरफ से जहां इस दल का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान विशेषज्ञ विवेक काटजू और पूर्व एनसीईआरटी प्रमुख जेएस राजपूत ने किया था। वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व मंत्री जावेद जब्बर सहित दूसरे लोग मौजूद थे। यह बातचीत 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई थी। 

जब कुमार से पूछा गया कि क्या इस डायलॉग को मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है तो उन्होंने इसका सीधा जवाब ना देते हुए बस इतना कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया साफ है जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी स्थिति अब भी वही है कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई थी।





[ad_2]

Source link

Weather Department Alert Strom For Next 48 Hours In Up, Rajasthan, Bihar,uttrakhand And Delhi - मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, 48 घंटें में हो सकती है तबाही!

[ad_1]




Weather Department Alert Strom For Next 48 Hours In Up, Rajasthan, Bihar,uttrakhand And Delhi - मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, 48 घंटें में हो सकती है तबाही!- Amar Ujala Hindi News















































बेहतर अनुभव के लिए अपनी सेटिंग्स में जाकर हाई मोड चुनें।





































































अमर उजाला ऐप चुनें




सबसे तेज अनुभव के लिए



क्लिक करें
Add to Home Screen








http://www.amarujala.com/



























E-Paper












© 2017-18 Amar Ujala Publications Ltd.













[ad_2]

Source link

Thursday, May 3, 2018

राजस्थान में फिर उठ सकता है धूल का बवंडर, यूपी में आंधी का अनुमान; 12 राज्यों में बारिश-तूफान से 133 की मौत

[ad_1]

धूलभरी आंधी और बवंडर का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए चेतावनी जारी की है। खासकर राजस्थान और यूपी में फिर धूलभरी आंधी आ सकती है। इन इलाकों में चक्रवात की स्थिति बन रही है। इसका असर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में भी पड़ सकता है। बता दें कि बुधवार रात उत्तरी इलाकों में धूल भरी आंधी चली। इसके असर से गुरुवार को दक्षिणी राज्यों में जमकर बारिश हुई। मौसम के इस पलटे मिजाज का 12 राज्यों पर असर पड़ा। यूपी, राजस्थान, मप्र, झारखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में धूलभरी आंधी आई। तो तेलंगाना, बंगाल और आंध्र प्रदेश में आंधी के साथ बारिश हुई। इसमें 133 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 300 से ज्यादा घायल हैं। हजारों मकान, सैकड़ों वाहन और फसलों को भारी नुकसान हुआ है।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

[ad_2]

Source link

सस्ता हो सकता है सोना, मांग 12% घटकर 10 साल के निचले स्तर पर

[ad_1]

डिमांड घटने की वजह से सोना सस्ता हो सकता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 की पहली तिमाही में भारत में सोने की मांग 12% कम हुई है। यह 131.2 टन से घटकर सिर्फ 115.6 टन रह गई है। पहले जहां 34,400 करोड़ रुपए के सोने की मांग थी वो जनवरी-मार्च के दौरान घटकर 31,800 करोड़ रुपए रह गई।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

[ad_2]

Source link

लोग नेताओं के ऑफिस के निकट प्रदर्शन के लिए क्यों नहीं आ सकते : सुप्रीम कोर्ट

[ad_1]





लोगों के प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता देने वाले सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई फैसले हैं. 




[ad_2]

Source link