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Friday, May 4, 2018

ब्रिटेन: PM टेरीजा मे को मिली कामयाबी, सत्ता विरोधी लहर को भुनाने में विपक्ष रहा विफल

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ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी स्थानीय चुनाव में सत्ता विरोधी लहर को पूरी तरह भुनाने में विफल रही है और सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी की नेता टेरीजा मे को इन चुनावों में उम्मीदों से कम नुकसान हुआ है. 





ब्रिटेन: PM टेरीजा मे को मिली कामयाबी, सत्ता विरोधी लहर को भुनाने में विपक्ष रहा विफल

कंजरवेटिव पार्टी की नेता टेरीजा मे को इन चुनावों में उम्मीदों से कम नुकसान हुआ है.(फाइल फोटो)


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Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






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व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







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कलगी में PM पर भड़के राहुल गांधी, बोले- मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं

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नई दिल्ली: कर्नाटक के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर सिद्धारमैया को सत्ता दिलाने के लक्ष्य के साथ राज्य में उतरे कांग्रेस के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान शुक्रवार को कलगी में एक बार फिर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और सिद्दारमैया सरकार के कामों की तारीफ की. कलगी में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी जो आप बोल रहे हो उसे करके दिखाओ. नीरव मोदी पैसा ले कर भाग गया. मोदी जी किसानों का कर्जा क्यों नहीं माफ करते. मैंने जब सिद्दारमैया जी से पूछा कि क्या किसानों का पैसा माफ हो सकता है. सिद्दारमैया जी ने 10 दिन के भीतर किसानों का 8 हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया. आप लिख के ले लीजिये मोदी कभी भी किसानों का कर्जा माफ नहीं करेगें.


कर्नाटक में कोई भी भूखा नहीं है
अपने भाषण में आगे उन्होंने कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार की तारीफ करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "कर्नाटक ने लगभग 90 प्रतिशत किए हुए वादे पूरे किए हैं. कर्नाटक में कोई भी भूखा नहीं है. गुजरात में भूखे लोगों की लाइन लगी हुई है. इंदिरा कैंटीन में गरीब से गरीब व्यक्ति भर पेट खाना खा रहा है. कर्नाटक में लड़कियों की शिक्षा हम फ्री में दिलवाते हैं."


मोदी जी चुप रहते हैं
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, "बेटी बचाओ बीजेपी के एमएलए से. मोदी जी का एमएलए उन्नाव में एक महिला से रेप करता है. मोदी जी चुप रहते हैं. कठुआ में एक बच्ची से रेप होता है और मोदी जी चुप रहते हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री देश से बाहर जाता है और उससे कहा जाता है कि तुम भारत में महिलाओं की रक्षा नहीं कर सकते. ये शर्म की बात है."


सिद्दारमैया जी किसी पर पर्शनल अटैक नहीं कर सकते
राहुल गांधी ने अपने भाषण में आगे कहा, "सिद्दारमैया जी किसी पर पर्शनल अटैक नहीं कर सकते. मोदी जी के मंत्री भी कर्नाटक की रोडों (सड़कों) की तारीफ करते हैं. मोदी जी मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं कि मुझे भाषण देने नहीं आता. मोदी जी जो कहना चाहे कहें. वो मेरे प्रधानमंत्री हैं मैं उन पर पर्शनल अटैक नहीं करुंगा. लेकिन मेरा हक है सवाल पूछने का वो मैं करुंगा. क्यों येद्दुरप्पा जैसे भ्रष्ट को मुख्यमंत्री बनाया. अमित शाह ने भी येद्दुरप्पा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा... तो उनको मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार क्यों बनाया."


2019 में कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने अगले लोकसभा चुनावों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा करते हुए कहा, "2019 में कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी. 371 J का विरोध बीजेपी ने किया था. कर्नाटक के लोगों को लाखों रुपये 371 J से मिलता है. हमारी लड़ाई ये है कि कर्नाटक की जनता का जो पैसा है. वो आपको वापस दिलाया जाए. लगभग 35 हजार करोड़ रुपये जो कि जनता का पैसा है, वो मोदी के मित्र गटक गए." राहुल गांधी ने आगे (रेड्डी ब्रदर्स पर इशारा करते हुए) कहा, "चोरों को हम विधानसभा के अंदर नहीं घुसने देंगे."


दुनिया में पेट्रोल के दाम गिरते जा रहे हैं
राहुल गांधी ने पेट्रोलियम के दामों पर बात करते हुए कहा, "दुनिया में पेट्रोल के दाम गिरते जा रहे हैं. हम विदेश से पेट्रोल खरीदते हैं. लाखों-करोड़ों रुपये की बचत हो रही है. मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि जब पूरे विश्व में पेट्रोल के दाम घट रहे हैं तो हिंदुस्तान में क्यों बढ़ रहा है. मोदी जी को अपने भाषण में जवाब देना चाहिए वो ये बचे हुए पैसे कहां जा रहे हैं. मोदी जी वो पैसे अपने 5-10 मित्रों में बांट देते हैं. वो पैसे महिआओं को क्यों नहीं मिलते."




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Thursday, May 3, 2018

PM Modi bends down to help tribal woman Ratnibai wear slippers at Chhattisgarh rally

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Publish Date:Fri, 04 May 2018 10:48 AM (IST)



रायपुर [अनिल मिश्रा]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो चप्पल रत्नीबाई को पहनाई, वह अब रत्नीबाई के लिए सहेज कर रखने वाली धरोहर बन गई है। बुजुर्ग रत्नीबाई घर से खेत और खेत से जंगल तक नंगे पांव ही घूमती हैं, चप्पल को तो उन्होंने अपने झोपड़ेनुमा घर के इकलौते कमरे में धान के बोरे में सहेजकर रख दिया है।


इतना ही नहीं, कमरे का ताला बंद ...और चाबी रत्नीबाई के गले में। प्रधानमंत्री के हाथों मिली चप्पल को रत्नीबाई बेहद खास मौकों पर ही निकालती हैं, निहारती हैं, अपने तरीके से पोंछती हैं और इसके बाद उसे यूं पहनती हैं मानों पांव में चप्पल नहीं, किसी बादशाह ने सिर पर ताज धारण किया हो।



प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को बीजापुर, छत्तीसगढ़ के जांगला कस्बे में पहुंचे थे। वहां एक जनसभा को संबोधित करने के साथ ही उन्हें कई योजनाओं का शुभारंभ भी करना था। ऐसी ही एक योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहक रत्नीबाई को चरण पादुका देने के लिए मंच पर बुलाया गया।



जब रत्नीबाई मंच पर आईं तब प्रधानमंत्री अपनी जगह से उठे और अचानक झुककर अपने हाथों से रत्नीबाई के पावों में चप्पल पहना दी। यह बेहद खास और भावुक पल था। मोदी के ऐसा करते ही पूरा देश रत्नीबाई को पहचान गया।


अब रत्नीबाई अपने गांव ही नहीं, आसपास के पूरे इलाके में खास शख्सियत बन चुकी हैं। उनके लिए वह पल जीवन का सबसे खास पल बन चुका है। प्रधानमंत्री की भेंट की हुई चप्पल की देख-रेख में उन्होंने कोई कसर नहीं उठा रखी है।


घर में सबसे कीमती चीज चप्पल


ब्लॉक मुख्यालय भैरमगढ़ से सटे बंडपाल गांव में रत्नीबाई का भरा पूरा परिवार है, लेकिन संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं। मिट्टी के घर के बाहर महुआ सुखाती रत्नीबाई ने गले में सूत की डोरी से बंधी कमरे की चाबी दिखाई। रत्नी के पुत्र बारीचंद समरथ ने बताया कि मां दिन भर नंगे पांव ही रहती हैं। किसी खास आयोजन में जाना हो तो ही चप्पल पहनती हैं। घर में चोरी होने लायक कुछ नहीं है लेकिन चप्पल जरूर बेशकीमती हो गई है। मां उसकी दिन रात रखवाली करती हैं।



- इसे मोदी ने दिया है, बाहर क्यों निकालूं भला। हर जगह पहनने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह बहुत खास चीज है, खास मौके के लिए ही है। - रत्नीबाई (स्थानीय गोंडी बोली में रखी अपनी बात)। 


By Sanjay Pokhriyal




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जिस जनरल थिमैया का नाम लेकर PM मोदी ने पंडित नेहरू पर साधा निशाना, पढ़े उनकी Story

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पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के कलबुर्गी में तीन मई को अपनी चुनावी रैली में कांग्रेस पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि यह धरती वीरों की भूमि है लेकिन कांग्रेस सेना के बहादुर जवानों के त्‍याग का सम्‍मान नहीं करती. जब हमारे जवानों ने सर्जिकल स्‍ट्राइक किया तो कांग्रेस ने उस पर सवाल उठाए. वे मुझसे सर्जिकल स्‍ट्राइक का सबूत मांगते रहे. सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद कांग्रेस के एक वरिष्‍ठ नेता ने हमारे मौजूदा आर्मी चीफ को 'गुंडा' कहा. इतिहास गवाह है कि इस धरती के वीर फील्‍ड मार्शल करियप्‍पा और जनरल थिमैया के साथ कांग्रेस सरकार ने कैसा बर्ताव किया? जनरल थिमैया को तत्‍कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और रक्षा मंत्री कृष्‍णा मेनन ने अपमानित किया. इस संदर्भ में इतिहास के पन्‍नों को उलटकर जनरल थिमैया की कहानी पर आइए डालते हैं एक नजर:


जनरल कोडनडेरा सुब्‍बैया थिमैया
1906 में कर्नाटक में जन्‍मे थिमैया उसी कोडनडेरा समुदाय से ताल्‍लुक रखते थे जिससे देश के पहले कमांडर-इन-चीफ जनरल करियप्‍पा संबंधित थे. जनरल केएस थिमैया 1957-61 तक आर्मी चीफ रहे. द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान इंफ्रेंट्री ब्रिगेड संभालने वाले एकमात्र भारतीय सैन्‍य अधिकारी थे. 1962 में भारत-चीन युद्ध के 15 महीने पहले वह रिटायर हुए. उसके बाद वह साइप्रस में संयुक्‍त राष्‍ट्र शांति रक्षक दल के कमांडर नियुक्‍त हुए. इसी ड्यूटी के दौरान 18 दिसंबर, 1965 को उनका निधन हो गया.


narendra modi
पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के कलबुर्गी में चुनावी रैली के दौरान कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद कांग्रेस के एक वरिष्‍ठ नेता ने हमारे मौजूदा आर्मी चीफ को 'गुंडा' कहा.


विवाद
शिव कुमार वर्मा की किताब 1962 द वार दैट वाज नाट (1962 The War That Wasn't) में जनरल थिमैया के 1959 में इस्‍तीफा देने की घटना का विस्‍तार से जिक्र किया गया है. उसमें बताया गया है कि चीन के मोर्चे पर भारत की नीतियों से शीर्ष स्‍तर पर मतांतर था. उसी कड़ी में रक्षा मंत्री कृष्‍णा मेनन और थिमैया की मीटिंग हुई. वहां पर मेनन ने जनरल से कहा कि वह अपनी बात प्रधानमंत्री से सीधे कहने के बजाय पहले उनसे साझा कर मामले को इसी स्‍तर पर सुलझाएं. इसके साथ ही यह कहते हुए मेनन ने मीटिंग खत्‍म कर दी कि यदि मसले सार्वजनिक हुए तो उसके राजनीतिक प्रभाव की कीमत चुकानी होगी. इसके तत्‍काल बाद थिमैया ने इस्‍तीफा दे दिया.


प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने तत्‍काल उनको अपने पास बुलाया और लंबी बातचीत के बाद देश हित में आसन्‍न चीनी खतरे को देखते हुए इस्‍तीफा वापस लेने का आग्रह किया. नतीजतन जनरल थिमैया ने इस्‍तीफा वापस ले लिया. किताब के मुताबिक थिमैया के जाने के बाद उनके इस्‍तीफे की खबर को जानबूझकर मीडिया के समक्ष लीक कर दिया गया, जबकि इस्‍तीफे में लिखी बातों को छुपा लिया गया. उसका नतीजा यह हुआ कि अगले दिन सभी अखबारों की सुर्खियां जनरल थिमैया के इस्‍तीफ से पटी हुई थीं.


उसके दो दिन बाद दो सितंबर, 1959 को पंडित नेहरू ने संसद में इस मसले पर बयान देते हुए कहा कि उनके आग्रह को मानते हुए आर्मी चीफ ने इस्‍तीफा वापस ले लिया है. उन्‍होंने मिलिट्री पर सिविलयन अथॉरिटी की सर्वोच्‍चता बताते हुए कहा कि दरअसल अलग मिजाज के व्‍यक्तित्‍वों के कारण ऐसी परिस्थिति उत्‍पन्‍न हुई. इसके साथ ही उन्‍होंने जनरल थिमैया की आलोचना करते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा संकट के बीच वह पद छोड़ना चाहते हैं. जनरल थिमैया के त्‍यागपत्र के मजमून को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है.




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Wednesday, May 2, 2018

Modi Government Cabinet Meeting Gifted 20 New Aiims And Sugarcane Farmers - Pm मोदी ने की तोहफों की बारिश, किसानों को बोनस, 20 नए एम्स को मंजूरी

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मोदी सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले कई तोहफे की घोषणा की है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने, देश भर में 20 नए एम्स की स्थापना, 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने, लखनऊ सहित तीन हवाई अड्डों का विस्तार करने और किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 येाजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में शामिल करने का फैसला किया गया। 

कैबिनेट की बैठक के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना की अवधि को 12वीं पंचवर्षीय योजना से बढ़ा कर 2019-20 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश भर में 20 नए एम्स का निर्माण करने और 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने का फैसला किया गया है। इसके लिए फिलहाल 14,832 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। प्रसाद ने बताया कि नए एम्स कहां बनेंगे, इसका निर्णय विस्तृत समीक्षा के बाद किया जाएगा।  

प्रसाद ने बताया कि नभ निर्माण योजना के तहत फिलहाल लखनऊ, चेन्नई और गुवाहाटी हवाई अड्डे की विस्तार परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस मद में 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लखनऊ एयरपोर्ट पर एक और टर्मिनल बनाने पर 1232 करोड़ रुपये खर्च होंगे। धीरे-धीरे अन्य एयरपोर्ट का भी विस्तार होगा, जिस पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत 112 अतिरिक्त जिलों को जोड़ने की भी घोषण की गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने दिल्ली के नजफगढ़ में 100 बिस्तरों वाले सामान्य अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसके लिए फिलहाल 95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।


केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को राहत मुहैया कराने के लिए साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी देने को मंजूरी प्रदान कर दी। इसका मकसद नकदी की समस्या से जूझ रही मिलों को गन्ना बकाए के भुगतान में मदद करना है। चीनी मिलों पर किसानों के भारी बकाया के चलते यह निर्णय मंत्रियों के समूह की सिफारिश पर लिया गया है। मिलों पर बकाया राशि बढ़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। याद रहे कि सरकार ने यह फैसला ऐसे समय किया है जबकर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने हैं और वह प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में से एक है। 

हरित क्रांति कृषोन्नति योजना
कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 योजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में समाहित कर इसकी अवधि 2019-20 तक बढ़ा दी है। प्रसाद ने बताया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इस आशय का फैसला लिया गया है। इस योजना के लिए 33,273 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं।

पीएम वय वंदन योजना में निवेश सीमा बढ़ी
केंद्रीय कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन देने वाली प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) में निवेश की सीमा को साढ़े सात लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने को मंजूरी दे दी। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देना संभव होगा। इसमें सब्सक्रिप्शन की समय सीमा 4 मई, 2018 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 कर दी गई है।



मोदी सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले कई तोहफे की घोषणा की है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने, देश भर में 20 नए एम्स की स्थापना, 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने, लखनऊ सहित तीन हवाई अड्डों का विस्तार करने और किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 येाजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में शामिल करने का फैसला किया गया। 


कैबिनेट की बैठक के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना की अवधि को 12वीं पंचवर्षीय योजना से बढ़ा कर 2019-20 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश भर में 20 नए एम्स का निर्माण करने और 73 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने का फैसला किया गया है। इसके लिए फिलहाल 14,832 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। प्रसाद ने बताया कि नए एम्स कहां बनेंगे, इसका निर्णय विस्तृत समीक्षा के बाद किया जाएगा।  

प्रसाद ने बताया कि नभ निर्माण योजना के तहत फिलहाल लखनऊ, चेन्नई और गुवाहाटी हवाई अड्डे की विस्तार परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस मद में 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लखनऊ एयरपोर्ट पर एक और टर्मिनल बनाने पर 1232 करोड़ रुपये खर्च होंगे। धीरे-धीरे अन्य एयरपोर्ट का भी विस्तार होगा, जिस पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत 112 अतिरिक्त जिलों को जोड़ने की भी घोषण की गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने दिल्ली के नजफगढ़ में 100 बिस्तरों वाले सामान्य अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इसके लिए फिलहाल 95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।






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गन्ना किसानों पर करम







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